पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने का बड़ा बयान दिया है। तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इस समय 'शक्ति और स्वाभिमान' की स्थिति में है, इसलिए दोनों देशों के हित में यही होगा कि इस युद्ध को यहीं रोक दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि वैश्विक समुदाय अब ईरान के रुख की प्रासंगिकता को समझ रहा है, जबकि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों की चौतरफा आलोचना हो रही है।
पेजेश्कियान ने अपनी सरकार द्वारा जून में अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) का पुरजोर बचाव किया। घरेलू स्तर पर कट्टरपंथी नेताओं की आलोचनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में आत्मसमर्पण जैसी कोई शर्त शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समझौता राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की सहमति से पूरी गरिमा के साथ तैयार किया गया था और इसमें अधिकांश प्रतिबद्धताएं विरोधी पक्ष से जुड़ी हैं।
हालांकि कूटनीतिक शांति की अपील के साथ ही ईरानी सैन्य कमान ने सतर्कता भी बढ़ा दी है। सशस्त्र बलों के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान की संप्रभुता पर फिर से हमला होता है, तो उसकी सेनाएं कड़ा और विनाशकारी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा को लेकर ओमान की मध्यस्थता में कूटनीतिक बातचीत जारी है, जिससे तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को सुचारू बनाए रखने की राह तलाशी जा रही है।