समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में निकली इस ऐतिहासिक रैली में हजारों कार्यकर्ता साइकिल और मोटरसाइकिल पर सवार होकर सड़कों पर उतरे और “बाबासाहेब अमर रहें” व “समाजवादी पार्टी जिंदाबाद” के नारों से शहर गूंज उठा।
रैली का शुभारंभ प्रतापपुरा चौराहे से हुआ, जहां राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रामजीलाल सुमन ने झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। प्रतापपुरा चौराहे पर स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर यात्रा आगे बढ़ी। इसके बाद मार्ग में शहीद अशफाक उल्ला खान की स्मृति को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की गई।
यात्रा प्रतापपुरा, सदर बाजार और छीपीटोला चक्कीपाट होते हुए बिजलीघर स्थित बाबासाहेब की प्रतिमा तक पहुंची। पूरे रास्ते में जगह-जगह आम जनता ने फूलों की वर्षा कर यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने स्वतःस्फूर्त तरीके से फूल बरसाकर इस जनआंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया।
कार्यक्रम के दौरान महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास एवं जिला अध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाह ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया। नेताओं ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता ही 2027 में सत्ता परिवर्तन का रास्ता तय करेगी।
वक्ताओं ने अखिलेश यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं और आम जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि संविधान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है—और समाजवादी पार्टी इसे अंत तक लड़ेगी।
रैली में पूर्व मंत्री दयाराम प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष राम सहाय यादव, राहुल चतुर्वेदी, श्याम भोजवानी, पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल, कादिर कुरेशी, सचिन चतुर्वेदी महासचिव पुष्पेंद्र शर्मा,रवि मेहरा ,मधुकर अरोड़ा, राहुल चौधरी, विजेंद्र प्रजापति, देवेंद्र राठौर, रामनरेश यादव, चौधरी फरहान, ठाकुर विजय, जमील खाँन, एड. नरेंद्र सिंह नन्द, नीरज कांत ,नीटू यादव, शैलू यादव,नीरज कांत, , मुन्ना खाँन अल्वी, इमरान कुरेशी, जीशान अहमद, विजय यादव, प्रियंका चौहान, सुलेखा श्रीवास्तव, पूनम वाल्मीकि, मीना वर्मा, अफरोज सैफी, जमील सिद्दीकी, वेद चौधरी, गौरव वाल्मीकि, महावीर जाटव, आकिल अब्बास, जितेंद्र वाल्मीकि, भरत सिंह, कुवर वलीशेर, इकबाल अल्वी, विनोद श्रौतिया, राजीव सविता,अतुल सविता, प्रमोद वाल्मीकि, सन्नी छबड़ा, नासिर, रोहित, दीप सागर, शंकी श्रौतिया, मुजाहिद कुरेशी, ऋतिक प्रजापति, प्रवीण राठौर, अमीर सिंह फौजदार, सतीश चाहर, आजाद वाल्मीकि, डॉ. नरेंद्र सिंह धाकड़, नितिन वर्मा, गौरव मिश्रा, शहजाद हुसैन, अज्जू खाँन, अजय यादव, सलमान अब्बास, नाज़िम अब्बास, वकील अल्वी, रजा अहमद, बिलाल खाँन, अर्सिल खाँन, अफसार खाँ, आदिल कुरेशी, मो. कामिल अब्बास, रहीस (जिम वाले), इमलाक अहमद, पठान कुरेशी, जफर कुरेशी, नफीस अहमद, पप्पू बेग, आदिल बेग,शिवम जाटव, रविंद्र यादव, ईशाक अहमद, मयंक चौधरी, अफजल बेग, बबलू अब्बासी, राहुल खरे, सिराज अब्बास, मुश्ताक अहमद, ऊदल सिंह, मुनब्बर पठान, अब्दुल खालिद, राशिद अब्बास, मुकीमउद्दीन कुरेशी, सलमान कुरेशी, कुलदीप वाल्मीकि, आमिर मिर्जा, समीर नेता, फईम उस्मानी, अरमान राइन, फरमान राइन, अतिफ राइन, डिंपी राठौर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी का साफ संदेश:
संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ का जवाब अब मजबूती से दिया जाएगा। अगर हक़ और अधिकारों पर चोट हुई, तो समाजवादी कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे—सड़क से लेकर सदन तक आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और हर कीमत पर संविधान की हिफाज़त की जाएगी।