इटली की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और उनकी बहन एरियाना की आपत्तिजनक और निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इन तस्वीरों को लेकर न सिर्फ आम जनता में रोष है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है। यह मामला सिर्फ गोपनीयता के उल्लंघन का नहीं, बल्कि लैंगिक भेदभाव और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ एक गंभीर अपराध के रूप में देखा जा रहा है।
इन तस्वीरों को ‘फिका’ नामक एक विवादास्पद वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, जिसके 7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन तस्वीरों को मेलोनी और अन्य महिलाओं के निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल से चुराया गया और उन्हें एडिट कर, अश्लील कैप्शन के साथ वेबसाइट के वीआईपी सेक्शन में पोस्ट किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन तस्वीरों में सिर्फ मेलोनी ही नहीं, बल्कि अन्य कई मशहूर महिलाएं भी शामिल हैं, जिनमें मेलोनी की बहन एरियाना, अभिनेत्री पाओला कॉर्टेलेसी, डायरेक्टर और एक्ट्रेस सी’ए एनकोरा डोमनी की पाओला, और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चियारा फेरग्नी भी शामिल हैं।
इस मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया जब वामपंथी डेमोक्रेटिक पार्टी (PD) की नेता वेलेरिया कैम्पाग्ना ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उनकी भी तस्वीरें वेबसाइट पर अपलोड की गई थीं। वेलेरिया ने कहा कि यह मामला केवल डिजिटल अपराध नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा और निजता पर सीधा हमला है।
‘फिका’ नाम खुद भी विवाद का विषय बन गया है। इतालवी भाषा में यह एक आपत्तिजनक अपशब्द है, जिसका उपयोग महिलाओं को नीचा दिखाने के लिए किया जाता है। साल 2005 में इस वेबसाइट की शुरुआत इसी नाम से हुई थी, और तब से लेकर अब तक यह कई बार विवादों में घिर चुकी है। अब एक बार फिर यह वेबसाइट देश की सबसे ऊंचे संवैधानिक पद पर बैठी महिला को निशाना बनाकर कानून और नैतिकता की सीमाएं लांघ गई है।
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह सब हाल ही में मेटा द्वारा एक फेसबुक अकाउंट बंद किए जाने के बाद की “बदले की कार्रवाई” है। जिस अकाउंट का नाम ‘मिया मोग्ली’ (मेरी पत्नी) था, उस पर इटली के पुरुष कथित रूप से अपनी पत्नियों या अजनबी महिलाओं की अश्लील तस्वीरें साझा कर रहे थे। मेटा ने सात दिन पहले यह अकाउंट बंद किया था। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री मेलोनी की तस्वीरें वायरल हुईं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह जवाबी हमला हो सकता है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जो फ्राटेली डी’इटालिया पार्टी की नेता हैं और अक्टूबर 2022 से इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, इस समय न केवल आंतरिक राजनीति और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही हैं, बल्कि इस डिजिटल हमले का भी सामना कर रही हैं। वे एक कैथोलिक, दक्षिणपंथी और राष्ट्रवादी नेता मानी जाती हैं, और अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की समर्थक भी रही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। यह सिर्फ इटली की बात नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा एक गंभीर सवाल है। सरकार और तकनीकी प्लेटफॉर्म्स को मिलकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कठोर कदम उठाने होंगे, ताकि डिजिटल दुनिया में भी महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।