ताजा खबर

भारत-चीन आर्थिक संबंधों में सकारात्मक बदलाव: द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन दूर करने पर बनी सहमति

Photo Source :

Posted On:Tuesday, September 15, 2026

सीमा विवाद की पृष्ठभूमि के बीच भारत और चीन अपने वाणिज्यिक संबंधों को व्यावहारिक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं के बाद, चीनी पक्ष ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह भारतीय वाणिज्यिक चिंताओं को संतुलित और सतत आधार पर सुलझाने के लिए तत्पर है। दोनों देशों के बीच हुए इस रणनीतिक संवाद का मुख्य उद्देश्य आर्थिक सहयोग को सहज बनाना और द्विपक्षीय व्यापार में दीर्घकालिक स्थिरता लाना है।

इस कूटनीतिक विकास की नींव भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेनताओ के बीच हुई महत्वपूर्ण वार्ता से रखी गई। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी कारोबारी साझेदारियों को सुदृढ़ करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। इसके पश्चात चीनी दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि चीन अपने शीर्ष नेतृत्व के मध्य बनी आम सहमति को धरातल पर उतारने और व्यावहारिक आर्थिक समन्वय बढ़ाने का पक्षधर है।

इस पहल का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच बढ़ता विशाल व्यापार घाटा है। आंकड़े दर्शाते हैं कि आयात-निर्यात के भारी अंतर के कारण भारत को 100 अरब डॉलर से अधिक के व्यापार घाटे की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय बाजार में चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कच्चे माल की बड़ी हिस्सेदारी है, जबकि भारतीय आईटी और फार्मास्यूटिकल कंपनियों को चीनी बाजार में समान पहुंच की दरकार है। यदि वार्ताएं ठोस नीतियों में बदलती हैं, तो इससे न केवल आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी बल्कि भारतीय निर्यात को भी नया आयाम प्राप्त होगा।


आगरा और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. agravocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.