लगातार एक साल से जिस कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट का दौर चल रहा था, उसमें अचानक तूफानी तेजी देखने को मिली है। यह तेजी किसी अफवाह की वजह से नहीं, बल्कि एक बड़े सरकारी ऑर्डर की वजह से आई है। बात हो रही है Shakti Pumps (India) Limited की, जो पिछले कई महीनों से निवेशकों की नजर से लगभग गायब हो चुकी थी।
एक साल में 25% से ज्यादा टूटा शेयर, 2025 में 46% का नुकसान
शक्ति पंप्स का शेयर पूरे साल कमजोर प्रदर्शन करता रहा।
लगातार गिरावट से निवेशकों का भरोसा टूटता जा रहा था। लेकिन 11 दिसंबर 2025 को अचानक इस शेयर ने रफ्तार पकड़ ली और बाजार खुलते ही खरीदारी का भूचाल सा आ गया।
सरकारी ऑर्डर ने बदल दी तस्वीर, आया 12% का उछाल
गुरुवार सुबह कंपनी ने शेयर बाजार को एक फाइलिंग के जरिए सूचना दी कि उसे महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) की ओर से एक बड़ा ऑर्डर मिला है।
इस ऑर्डर के तहत शक्ति पंप्स को:
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PM-KUSUM B योजना / मगेल टायला सौर कृषि पंप योजना के लिए
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3 HP, 5 HP, 7.5 HP क्षमता के 16,025 ऑफ-ग्रिड DC Solar Pumping Systems (SPWPS)
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कुल मूल्य 443.78 करोड़ रुपये (GST सहित)
बनाने और डिलिवर करने हैं।
सबसे अहम बात — यह ऑर्डर सिर्फ 60 दिनों में पूरा करना है, यानी कंपनी के लिए आने वाले 2 महीने बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण होंगे।
शेयर पर दिखा ऑर्डर का सीधा असर: 551 से बढ़कर 617 रुपये तक गया भाव
सरकारी ऑर्डर की खबर आते ही निवेशकों की धारणा बदल गई और शेयर में 12% से अधिक की तेज रैली देखने को मिली।
11 दिसंबर को NSE पर शक्ति पंप्स के शेयर:
इस शेयर में 20% का अपर सर्किट है। यानी अगर यह 661.25 रुपये तक पहुंचता है, तो इसमें ट्रेडिंग अपने आप रुक जाएगी।
कंपनी के लिए क्या मायने रखता है यह 443 करोड़ का ऑर्डर?
पिछले कई महीनों से:
की वजह से शेयर में गिरावट दिख रही थी।
लेकिन इस बड़े सरकारी ऑर्डर से:
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कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत होगा
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रेवेन्यू में आने वाले दो तिमाहियों में बड़ा सुधार दिख सकता है
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निवेशकों का कॉन्फिडेंस दोबारा लौट सकता है
PM-KUSUM जैसी योजनाओं में केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निवेश बढ़ा रही हैं, जिससे सोलर पंपिंग इंडस्ट्री में आने वाले महीनों में और ऑर्डर मिलने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
क्या अब शेयर में बड़ा ट्रेंड बदल सकता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी केवल एक शॉर्ट-टर्म उछाल नहीं है। क्योंकि:
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पिछले एक साल में शेयर ने काफी नुकसान कराया है। इसलिए लंबी अवधि की रिकवरी कंपनी के प्रदर्शन और आगे मिलने वाले नए सरकारी ऑर्डरों पर निर्भर करेगी।