जापान के 90 वर्षीय दिग्गज बॉडीबिल्डर तोशिसुके कानाजावा (Toshisuke Kanazawa) ने अपने 90वें जन्मदिन के अगले ही दिन 'ऑल जापान मास्टर्स फिटनेस चैंपियनशिप' के 85+ आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपना 19वां राष्ट्रीय खिताब हासिल किया। इस उम्र में उनकी मस्कुलर और सुडौल कद-काठी ने दुनिया भर के फिटनेस प्रेमियों को अचंभित कर दिया है।
बिना मीट और मछली के बनाई जबरदस्त फिटनेस
आमतौर पर बॉडीबिल्डिंग के लिए मांसाहारी और भारी प्रोटीन डाइट को अनिवार्य माना जाता है, लेकिन कानाजावा पिछले करीब चार दशकों से विशुद्ध शाकाहारी जीवनशैली का पालन कर रहे हैं। 50 वर्ष की उम्र में फिटनेस में वापसी के बाद से ही उन्होंने मांस और मछली खाना पूरी तरह बंद कर दिया था।
क्या है उनकी दैनिक डाइट?
- नाश्ता: ब्राउन राइस (भूरे चावल), नैट्टो (पारंपरिक फरमेंटेड सोयाबीन) और मिसो सूप (सोयाबीन पेस्ट से बना जापानी सूप)।
- दोपहर और रात का भोजन: दोनों समय ब्राउन राइस के साथ फुरिकाके (पारंपरिक जापानी ड्राई सीजनिंग)।
- सप्लीमेंटेशन: उम्र के अनुसार मांसपेशियों की रिकवरी और दैनिक प्रोटीन की पूर्ति के लिए वे दिन में तीन बार प्रोटीन शेक का सेवन करते हैं।
ट्रेनिंग और कड़ा अनुशासन
कानाजावा का मानना है कि सही खानपान और निरंतर अभ्यास से उम्र बढ़ने के असर को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है:
- जिम रूटीन: वे सप्ताह में 6 दिन जिम जाते हैं और प्रतिदिन लगभग 2 घंटे वर्कआउट करते हैं। जोड़ों और मांसपेशियों को सुरक्षित रखने के लिए वे भारी फ्री-वेट्स के बजाय गाइडेड मशीनों को प्राथमिकता देते हैं।
- रिकवरी और नींद: उम्र के इस पड़ाव पर वे सेट्स के बीच पर्याप्त आराम लेते हैं और रोजाना 7 घंटे की गहरी नींद सुनिश्चित करते हैं।
- व्यसनों से दूरी: उन्होंने अपने पूरे जीवन में शराब और सिगरेट को कभी हाथ नहीं लगाया।
24 की उम्र में बने थे मिस्टर जापान, 50 में किया कमबैक
तोशिसुके कानाजावा ने महज 24 साल की उम्र में पहली बार 'मिस्टर जापान' का खिताब जीता था। 34 वर्ष की उम्र में उन्होंने संन्यास ले लिया था, लेकिन लगभग 50 वर्ष की उम्र में अपनी अस्वस्थ पत्नी का हौसला बढ़ाने के लिए उन्होंने दोबारा जिम जाना शुरू किया।
पत्नी के निधन के बाद भी उन्होंने अपने इस जुनून को टूटने नहीं दिया। कानाजावा का कहना है कि वे 130 साल की उम्र तक जीने का लक्ष्य रखते हैं और जब तक शरीर में सांस है, स्टेज पर मुकाबला करते रहेंगे।