उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला कोलेकर नई जानकारी सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, साहिल के परिवार ने मुस्कान को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया है। इतना हीनहीं, परिवार ने कथित तौर पर मुस्कान की बेटी को भी अपनाने की बात कही है। इस घटनाक्रम ने मामले को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।हालांकि, परिवार की ओर से इस संबंध में किसी औपचारिक घोषणा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 18 महीनों से मुस्कान के अपने परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने जेल नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर, साहिलके परिवार के सदस्य उससे और मुस्कान से मुलाकात करने आते रहे हैं। बताया जा रहा है कि साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, उसकी नानी औरचाचा जेल जाकर दोनों का हालचाल लेते हैं। परिवार की इन मुलाकातों को मुस्कान के प्रति उनके बदले हुए व्यवहार से जोड़कर देखा जा रहा है।हालांकि, जेल में मुलाकात और किसी को औपचारिक रूप से परिवार का हिस्सा स्वीकार करने के बीच अंतर है।
सौरभ राजपूत हत्याकांड ने सामने आने के बाद पूरे देश का ध्यान खींचा था। इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला परहत्या से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। पुलिस जांच और मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर लंबे समय तक चर्चा होती रही। अब दोनों के पारिवारिकरिश्तों को लेकर सामने आई जानकारी ने एक बार फिर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। हालांकि, इस मामले में कानूनी स्थिति को लेकर अदालत केताजा आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है।
साहिल के परिजनों की ओर से कथित तौर पर मुस्कान और उसकी बेटी को स्वीकार किए जाने की खबर इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि मुस्कान केअपने परिवार से दूरी की बात सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि साहिल के परिवार के सदस्य दोनों से संपर्क बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने परसहयोग भी कर रहे हैं। हालांकि, मुस्कान की बेटी की देखभाल, अभिभावकत्व या भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर किसी कानूनी व्यवस्था की पुष्टि नहींहुई है। ऐसे में परिवार के कथित फैसले को फिलहाल व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर सामने आई जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल सौरभ राजपूत हत्याकांड में साहिल और मुस्कान के परिवारों से जुड़ी यह जानकारी चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ मामले की कानूनीप्रक्रिया और पीड़ित परिवार के लिए न्याय का सवाल महत्वपूर्ण है, तो दूसरी तरफ मुस्कान की बेटी के भविष्य और देखभाल को लेकर भीसंवेदनशीलता जरूरी है। साहिल के परिवार की ओर से किए गए कथित फैसले की आधिकारिक पुष्टि होने पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।तब तक इस मामले में सामने आ रही जानकारियों और दावों को सावधानी से समझना जरूरी है।