रविवार को फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में एक ऐसी बैठक हुई जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की मेजबानी की। यह मुलाकात महज एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह ट्रंप द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ की गई ढाई घंटे की लंबी फोन कॉल के तुरंत बाद हुई थी।
शांति समझौते की ओर बड़े कदम
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने उत्साहजनक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि पुतिन के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही और उन्हें विश्वास है कि पुतिन भी अब शांति चाहते हैं। ट्रंप के अनुसार, "हम शांति के बहुत करीब हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अगले कुछ हफ्तों में एक ठोस समझौता देखने को मिल सकता है।" हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि बातचीत विफल रही, तो यह युद्ध और भी लंबा और घातक खिंच सकता है।
90 प्रतिशत सहमति: जेलेंस्की का बड़ा खुलासा
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस बैठक को 'सकारात्मक' बताते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए, जो इस समझौते की गंभीरता को दर्शाते हैं:
-
20-सूत्रीय शांति योजना: जेलेंस्की के अनुसार, शांति योजना के 20 बिंदुओं में से 90% पर सहमति बन चुकी है।
-
सुरक्षा गारंटी: अमेरिका-यूक्रेन सुरक्षा गारंटी पर 100% सहमति बन गई है। यह यूक्रेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है, क्योंकि भविष्य में रूस के किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए उसे ठोस सुरक्षा वादों की जरूरत है।
-
सैन्य आयाम: सैन्य सहयोग और युद्ध विराम की शर्तों पर भी दोनों नेताओं के बीच पूर्ण सहमति (100%) बनी है।
पुतिन, ट्रंप और जेलेंस्की: त्रिपक्षीय बैठक की संभावना
सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या पुतिन और जेलेंस्की एक मेज पर आएंगे? ट्रंप ने इस पर स्पष्ट रूप से कहा कि पुतिन इस बैठक के पक्ष में हैं और सही समय आने पर एक त्रिपक्षीय बैठक निश्चित रूप से होगी। ट्रंप ने एक विवादास्पद लेकिन दिलचस्प टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि अतीत में पुतिन यूक्रेन की सफलता के प्रति 'उदार' रहे थे, खासकर ऊर्जा और बिजली की सस्ती दरों को लेकर। उन्होंने जेलेंस्की को यह समझाने की कोशिश की कि रूस और यूक्रेन के बीच आर्थिक सहयोग फिर से स्थापित हो सकता है।
चुनौतियां अभी भी बाकी हैं
भले ही 90% मुद्दों पर सहमति की बात कही जा रही हो, लेकिन शेष 10% मुद्दे सबसे जटिल हो सकते हैं। इनमें कब्जे वाले क्षेत्रों (जैसे क्रीमिया और डोनबास) का भविष्य और यूक्रेन की नाटो (NATO) सदस्यता जैसे पेचीदा सवाल शामिल हैं। ट्रंप ने स्वीकार किया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद के इस सबसे घातक युद्ध को खत्म करने की दिशा में प्रगति तो हुई है, लेकिन "अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।"
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता ने इस युद्ध में एक नया मोड़ ला दिया है। जेलेंस्की का ट्रंप को धन्यवाद देना और पुतिन का फोन पर ढाई घंटे चर्चा करना यह दर्शाता है कि तीनों पक्ष अब युद्ध की थकान महसूस कर रहे हैं। यदि अगले कुछ हफ्तों में शांति समझौता हो जाता है, तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी।