ताजा खबर

शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में तनाव, भारतीय मिशन पर हमला और देशभर में हिंसक प्रदर्शन

Photo Source :

Posted On:Friday, December 19, 2025

बांग्लादेश में शुक्रवार को शेख हसीना विरोधी नेता और इंकलाब मंच से जुड़े शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में तनाव फैल गया। राजधानी ढाका सहित कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालांकि शुक्रवार सुबह किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन प्रदर्शनकारियों को बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास 32 धनमंडी में पहले से क्षतिग्रस्त इमारत के अंदर और आसपास तोड़फोड़ करते देखा गया।

हादी की मौत की पुष्टि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने गुरुवार रात राष्ट्र के नाम टेलीविजन संबोधन में की थी। इसके तुरंत बाद हालात बिगड़ने लगे और देश के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देर रात हिंसा में बदल गया, जिसका असर सरकारी संस्थानों, मीडिया दफ्तरों और विदेशी मिशनों तक पर देखने को मिला।

इंडियन हाई कमिश्नर के घर पर हमला

गुरुवार देर रात चटगांव में असिस्टेंट इंडियन हाई कमिश्नर के आवास पर हमला किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 1:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने घर पर ईंटें और पत्थर फेंके। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के चलते कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों ने असिस्टेंट हाई कमिश्नर को अतिरिक्त सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। भारतीय मिशन पर हमले की इस घटना ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

भारत विरोधी नारे और हाई कमीशन बंद करने की मांग

इंकलाब मंच से जुड़े समूहों और उनके समर्थकों ने इस दौरान भारत विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शरीफ उस्मान हादी पर हमला करने वाले लोग हत्या के बाद भारत भाग गए। इसी आधार पर उन्होंने अंतरिम सरकार से मांग की कि जब तक कथित हमलावरों को वापस नहीं लाया जाता, तब तक बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन को बंद कर दिया जाए। एनसीपी के एक प्रमुख नेता सरजिस आलम ने उग्र बयान देते हुए कहा, “जब तक भारत हादी भाई के हत्यारों को वापस नहीं भेजता, तब तक बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन बंद रहेगा। अभी नहीं तो कभी नहीं। हम युद्ध में हैं।” इस बयान ने हालात को और भड़काने का काम किया।

चुनाव प्रचार के दौरान लगी थी गोली

शरीफ उस्मान हादी की मौत की शुरुआती घोषणा उनके संगठन इंकलाब मंच की ओर से की गई थी। बताया गया कि उनका शव दिन में बाद में बांग्लादेश लाया जाएगा। हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में उम्मीदवार थे। वे पिछले छह दिनों से सिंगापुर के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। पिछले हफ्ते सेंट्रल ढाका के बिजोयनगर इलाके में एक चुनावी कैंपेन के दौरान नकाबपोश बंदूकधारियों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से ही राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ था, जो उनकी मौत के बाद हिंसा में बदल गया।

देशभर में हिंसक प्रदर्शन और मीडिया पर हमले

गुरुवार को प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमला किया, 32 धनमंडी में हथौड़ों से तोड़फोड़ की और राजशाही शहर में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के एक कार्यालय को भी गिरा दिया। 32 धनमंडी, जिसे दशकों तक बांग्लादेश के आजादी से पहले स्वायत्तता संघर्ष का केंद्र माना जाता रहा है, पहले ही इस साल 5 फरवरी को भारी मशीनों से काफी हद तक ढहा दिया गया था। इससे पहले 5 अगस्त 2024 को अवामी लीग सरकार के पतन के तुरंत बाद इस इमारत में आग लगा दी गई थी। ढाका में प्रदर्शनकारियों ने एक प्रमुख सांस्कृतिक संगठन छायानाट के कार्यालय पर भी हमला किया और फर्नीचर बाहर निकालकर उसमें आग लगा दी। राजधानी के कारवान बाजार इलाके में शाहबाग चौराहे के पास बांग्ला अखबार ‘प्रोथोम आलो’ और अंग्रेजी दैनिक ‘डेली स्टार’ के दफ्तरों पर भी हमला हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकार और स्टाफ अंदर फंसे रहे, जबकि प्रदर्शनकारियों ने इमारत के सामने आगजनी की।

विपक्ष की निंदा और सरकार पर सवाल

गंभीर रूप से बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने इन हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेनी होगी। फिलहाल शरीफ उस्मान हादी की मौत ने बांग्लादेश को एक बार फिर गहरे राजनीतिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है, जहां आने वाले दिन देश की स्थिरता के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।


आगरा और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. agravocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.